
धान विक्रय के लिए एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य

कलेक्टर ने पंजीयन कार्य शीघ्र पूर्ण करने के दिए निर्देश
भुवनेश्वर यादव:- महासमुंद (त्रिलोक न्यूज)
महासमुंद, 29 जुलाई 2026/ कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने मंगलवार को समय-सीमा की बैठक में खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए धान विक्रय हेतु किसानों एवं संस्थाओं के एग्रीस्टैक पंजीयन कार्य की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में पंजीयन कार्य पूर्ण कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों को ध्यान में रखते हुए सभी पात्र कृषकों एवं संस्थाओं का समय पर एग्रीस्टैक पंजीयन सुनिश्चित किया जाए, ताकि धान उपार्जन के दौरान किसी प्रकार की कठिनाई न हो।
जिला खाद्य अधिकारी श्री आशीष चतुर्वेदी ने बताया कि गत वर्ष धान विक्रय के लिए विभिन्न संस्थाओं, न्यासों, लोक न्यास मंदिर समितियों तथा अन्य सोसायटियों को एग्रीस्टैक पंजीयन से छूट प्रदान की गई थी। लेकिन खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 में इन सभी संस्थाओं के लिए भी एग्रीस्टैक पंजीयन अनिवार्य कर दिया गया है। ऐसी सभी संस्थाएं, जिन्हें गत वर्ष छूट प्राप्त थी, वे निर्धारित प्रारूप तहसीलदार कार्यालय, संबंधित सहकारी समिति अथवा जिला खाद्य शाखा से प्राप्त कर आवश्यक जानकारी भरकर जमा करें। प्रारूप में संस्था के अधिकृत प्रतिनिधि का नाम, मोबाइल नंबर, आधार नंबर, संस्था का पता, संस्था के पंजीयन का प्रकार एवं पंजीयन क्रमांक अंकित करना अनिवार्य होगा। साथ ही संस्था का पंजीकरण किस अधिनियम अथवा नियम के अंतर्गत किया गया है, जैसे सोसायटी पंजीकरण अधिनियम 1860, भारतीय ट्रस्ट अधिनियम 1882, कंपनी अधिनियम, लोक न्यास अधिनियम अथवा अन्य किसी प्रासंगिक अधिनियम के अंतर्गत, इसका उल्लेख करते हुए संबंधित पंजीयन प्रमाण-पत्र की छायाप्रति भी संलग्न करना होगा।
खाद्य अधिकारी ने बताया कि भरे हुए आवेदन पत्र एवं आवश्यक दस्तावेज संबंधित सहकारी समिति, तहसील कार्यालय अथवा जिला खाद्य कार्यालय में जमा किए जाएंगे, जिसके आधार पर एग्रीस्टैक पंजीयन हेतु पोर्टल में डाटा प्रविष्टि कर लॉगिन आईडी एवं पासवर्ड तैयार किए जाएंगे। जिन नई संस्थाओं द्वारा गत वर्ष धान विक्रय नहीं किया गया था, वे भी समस्त आवश्यक दस्तावेजों सहित जिला खाद्य कार्यालय में आवेदन प्रस्तुत करें। आवेदन प्राप्त होने के बाद उनकी जानकारी पोर्टल में दर्ज कर एग्रीस्टैक पंजीयन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। संबंधित संस्थाओं एवं कृषकों से अपील की है कि वे बिना विलंब संबंधित कार्यालयों से निर्धारित प्रारूप प्राप्त कर आवश्यक जानकारी सहित समय पर जमा करें। इसके अलावा जिन कृषकों का एग्रीस्टैक पंजीयन हो चुका है, वे अपने छूटे हुए खसरों को जोड़ने के लिए भी आवेदन प्रस्तुत कर सकते हैं।











